tag:blogger.com,1999:blog-1791661064823014117.post2117500058406092647..comments2007-10-03T05:30:17.366-07:00Comments on हफ़्तावार: ब्रह्मा, विष्णु और महेश के नए अवतारराकेशhttp://www.blogger.com/profile/09355343165726493984noreply@blogger.comBlogger6125tag:blogger.com,1999:blog-1791661064823014117.post-82213462234241260662007-10-03T05:30:00.000-07:002007-10-03T05:30:00.000-07:00क्या कहे मिहिर भाई. ऐसे कहोगे तो फिर कोई ग़लती हो ...क्या कहे मिहिर भाई. ऐसे कहोगे तो फिर कोई ग़लती हो जाएगी बन्दे से. काहे कि अभी तो तुम्हारे प्रदेश में मैया अन्नपूर्णा की आरती और जागरण का किस्सा चल ही रहा है. और वो उस दिन मुम्बई में लालबाग के बादशाह के यहां मिले धन-दौलत की गिनती पता नहीं पूरी हो पायी या नहीं, मालूम ही नहीं है. पता ही नहीं चला कितना माल निकला वहां. बंदे को बहुत धक्का लगा है, गहरी ठेस लगी है. उसके भगवान पर इतने चढ़ावे चढ़े और भगवान को उसका वाजिब शेयर भी नहीं मिला. माटी के बनाए गए थे, माटी में ही मिला दिया सब पानी के रस्ते. <BR/><BR/>चलो, ऐसे ही आया करो. हफ़्तावार के हवालेहफ़्तावारhttp://www.blogger.com/profile/09355343165726493984noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-1791661064823014117.post-75885479781530746172007-10-03T05:13:00.000-07:002007-10-03T05:13:00.000-07:00हमारे एक दोस्त कहते थे की इन लोगों को इनके घर में ...हमारे एक दोस्त कहते थे की इन लोगों को इनके घर में जाकर मारो. राम क्या इनकी प्रायवेट प्रोपर्टी हैं? और वो कहते थे की प्रभाष जी की तकनीक इसीलिये कारगर है. मैं कभी उनसे पूरी तरह सहमत नही हो पाया लेकिन आपका ये व्यंग्य पढ़कर मुझे वो बात याद आ गई. व्यंग्य में ही सही, आपने वही तकनीक अपनाई है. मज़ा आया!miHir pandyahttp://www.blogger.com/profile/12081689485598823343noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-1791661064823014117.post-67803479078309785952007-10-01T00:49:00.000-07:002007-10-01T00:49:00.000-07:00बिल्कुल सही फरमा रहे हैं अवनिश भाई. निगाह में लाना...बिल्कुल सही फरमा रहे हैं अवनिश भाई. निगाह में लाना ज़रूरी हो जाता है. <BR/><BR/>शुक्रियाहफ़्तावारhttp://www.blogger.com/profile/09355343165726493984noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-1791661064823014117.post-42391521622623111812007-09-30T23:59:00.000-07:002007-09-30T23:59:00.000-07:00राकेश भाई ये मूर्ख कुछ भी कर सकते हैं. वैसे एक तरह...राकेश भाई <BR/>ये मूर्ख कुछ भी कर सकते हैं. <BR/>वैसे एक तरह से अच्छा ही है मूर्खताएं सामने आ रही हैं. उम्मीद करता हूँ इनकी यह मार्केटिंग भी इंडिया शाईन की तरह फ्लाप होगी.<BR/><BR/>बढिया लिखा है.Avanish Gautamhttp://www.blogger.com/profile/03737794502488533991noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-1791661064823014117.post-79668999839709910982007-09-30T23:43:00.000-07:002007-09-30T23:43:00.000-07:00शुक्रिया विनीतक्या किया जाए, अपने में ही निपट लेंग...शुक्रिया विनीत<BR/><BR/><BR/>क्या किया जाए, अपने में ही निपट लेंगे सब.हफ़्तावारhttp://www.blogger.com/profile/09355343165726493984noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-1791661064823014117.post-75814187179035735162007-09-30T21:30:00.000-07:002007-09-30T21:30:00.000-07:00भगवान नाम की सत्ता पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है ले...भगवान नाम की सत्ता पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है लेकिन जिनको भरोसा है उनके हिसाब से बात करें तो जो लीला करके भगवान जीव को नचाता था वही काम अब उसका जीव कर रहा है। मतलब साफ है दोनों अपने-अपने स्तर पर प्रतिबद्ध स्वार्थी। अच्छा चोट है सर...विनीत कुमारhttp://www.blogger.com/profile/09398848720758429099noreply@blogger.com