tag:blogger.com,1999:blog-1791661064823014117.post4984278216213051274..comments2007-11-27T09:45:49.197-08:00Comments on हफ़्तावार: हलद्वानी यात्रा: दूसरी किस्तराकेशhttp://www.blogger.com/profile/09355343165726493984noreply@blogger.comBlogger2125tag:blogger.com,1999:blog-1791661064823014117.post-74745555952555526432007-11-27T09:45:00.000-08:002007-11-27T09:45:00.000-08:00विनीत बाबू शुक्रिया आपका. आपने इस मामूली तजुर्बा क...विनीत बाबू शुक्रिया आपका. आपने इस मामूली तजुर्बा को नोटिस किया. कहां करते हैं लोग ऐसी चीजों पर चर्चा. जहां तक रही बात आपके मास्साहब का फोटू लगाने का तो लगा अब कौन सा समय बीत गया है. लगा देंगे. आप बस फोटू मुहैया करा दीजिए. शेष हम कर लेंगे.<BR/><BR/><BR/>आते रहिए इस द्वारे भी.राकेशhttp://www.blogger.com/profile/09355343165726493984noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-1791661064823014117.post-29424940161192752002007-11-25T21:06:00.000-08:002007-11-25T21:06:00.000-08:00मैंने आपके विचार और दृष्टि में जहां अपनापा हो पर ब...मैंने आपके विचार और दृष्टि में जहां अपनापा हो पर बहुत बार टिप्पणी करने की कोशिश की लेकिन बार-बार एक्सेस डिनाय आ जा रहा था, वैसे पूरी पोस्ट पढ़ी, सारे गुरुओं की याद ताजा हो आई, अपने मास्टर साहब का भी फोटू लगा देते तो चारो धाम पूरा हो जाता।<BR/>विनीतविनीत कुमारhttp://www.blogger.com/profile/09398848720758429099noreply@blogger.com