tag:blogger.com,1999:blog-1791661064823014117.post8069587647464689455..comments2007-10-15T23:45:38.611-07:00Comments on हफ़्तावार: भयानक त्रासदी के भयावह अवशेषराकेशhttp://www.blogger.com/profile/09355343165726493984noreply@blogger.comBlogger1125tag:blogger.com,1999:blog-1791661064823014117.post-13304987648926197612007-10-15T23:45:00.000-07:002007-10-15T23:45:00.000-07:00राकेशजी,आनंद आ गया। अपना रास्ता भी वही है। पटना, ...राकेशजी,आनंद आ गया। अपना रास्ता भी वही है। पटना, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर सुनते ही मन में अजीब सी हलचल होने लगती है। बाढ के साथ तो अपन खेले हैं, कूदे हैं, बडे हुए हैं। आपकी भाषा भी सहज, सरल और सुबोध है।संजीव कुमार सिन्हाhttp://www.blogger.com/profile/11879095124650917997noreply@blogger.com